जन्म नक्षत्र कैसे पता करें? जन्म की तारीख, समय और स्थान से जानें अपना सटीक नक्षत्र क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही दिन और एक ही राशि में जन्मे दो लोगों का स्वभाव, भाग्य और जीवन पथ बिल्कुल अलग क्यों होता है? जवाब आपकी सूर्य राशि या चंद्र राशि में नहीं, बल्कि आपके जन्म नक्षत्र (Birth Nakshatra) में छिपा है। 99% लोग इंटरनेट पर केवल अपनी सामान्य राशि पढ़कर भविष्यफल तय कर लेते हैं, जो कि एक अधूरी ज्योतिषीय पद्धति है। सच्चाई यह है: प्राचीन वैदिक ज्योतिष के अनुसार, आपका मूल व्यक्तित्व, आपके नाम का पहला अक्षर, विवाह का गुण मिलान और जीवन में आने वाली महादशाएं—सब कुछ सिर्फ और सिर्फ आपके जन्म नक्षत्र पर निर्भर करता है। इस गाइड में हम आपको बिल्कुल आसान, सटीक और वैज्ञानिक विवेचन के साथ बताएंगे कि किसी भी पंचांग या सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके आप अपनी जन्म तिथि (Date of Birth) , समय (Time) और स्थान (Place) से अपना जन्म नक्षत्र कैसे निकाल सकते हैं। चित्र 1: जन्म नक्षत्र खोजने की वैज्ञानिक और पंचांग आधारित मार्गदर्शिका नक्षत्र और चंद्रमा का खगोली...
हस्त सामुद्रिक रहस्यम्: सम्पूर्ण हस्त रेखा ज्ञान (ब्रह्म विद्या) हस्त- सामुद्रिक रहस्यम् ब्रह्म विद्या (रेखा) आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च | पञ्चैतान्यापि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः || अर्थात् आयु, कर्म, धन, विद्या और मृत्यु ये पञ्च गर्भ में ही जातको को विधाता दे देते है | हस्त रेखा विज्ञान का वास्ताविक नाम सामुद्रिक शास्त्र है | इसके दो भेद माने जाते है, उनमे से प्रथम भाग हाथ , अंगुली और हथेली आदि की बनावट है और दूसरा मणिबंध और मस्तक रेखा आदि पर पड़ीं रेखाओं का ज्ञान है | सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष होते है- अथ शशकादितुर्यपुरुषाणां जीवन चरित्राणि :- 1. शशक पुरुष सुन्दर सुविचार से युक्त ६ फिट से उपर के होते थे, 2. मृग सुडौल सुन्दर सद्विचार से युक्त ६ फिट के होते है, ३ . तुरंग पुरुष माध्यम विचार और सुन्दर ५ /३० के होते है और ४ . बृषभ पुरुष (अधम पुरुष) जो बहुसख्यक सामान्य सकल, अधम विचार वाले ५ - ५ 1/2 फिट ...