क्या आपने कभी सोचा है कि श्वास लेने, भोजन पचाने, पलक झपकने, यहाँ तक कि मृत्यु के बाद शरीर के फूलने के पीछे कौन सी अदृश्य ऊर्जा कार्य करती है? आधुनिक विज्ञान जिसे 'बायो-एनर्जी' कहता है, भारतीय योग शास्त्र और ज्योतिष विद्या में उसे केवल 'हवा' नहीं, बल्कि ' प्राण ' (Vital Life Force) कहा गया है। अक्सर लोग प्राण को केवल 'साँस' (Breath) समझने की भूल करते हैं। लेकिन साँस तो केवल प्राण का भौतिक माध्यम है। गरुड़ पुराण और योग चूड़ामणि उपनिषद के अनुसार, हमारे शरीर में 10 प्रकार के वायु (The 10 Pranas) होते हैं। ये 5 मुख्य प्राण (महाप्राण) और 5 सहायक प्राण (उप-प्राण) मिलकर हमारे अस्तित्व को बनाए रखते हैं। चित्र: मानव शरीर के 5 महाप्राण और उप-प्राणों का स्थान। ...
पराशर ज्योतिष - Parashara Jyotish
मैं सुनील नाथ झा, एक ज्योतिषी, अंकशास्त्री, हस्तरेखा विशेषज्ञ, वास्तुकार और व्याख्याता हूं। मैं 1998 से ज्योतिष, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तुकला की शिक्षा और अभ्यास कर रहा हूं | मैंने राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान तथा लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य | मैंने वास्तुकला और ज्योतिष नाम से संबंधित दो पुस्तकें लिखी हैं -जिनके नाम "वास्तुरहस्यम्" और " ज्योतिषतत्त्वविमर्श" हैं | मैंने दो पुस्तकों का संपादन किया है - "संस्कृत व्याकर-सारः" और "ललितासहस्रनाम" |